Monday, May 18, 2020

चाँद नींदों में कहीं ढलता तो होगा,
हाथ जो खाली रहे खलता तो होगा,
चाँदनी को जिस तरह सब ने दुलारा है,
सूर्य भी संताप में जलता तो होगा।

No comments:

Post a Comment