Monday, February 19, 2024

 

 

जो लिखा उसे  'पुरानी स्याही' नाम दे दिया है,
भावों को मन की सराय में विश्राम दे दिया है,
करने लगे हैं शब्द जब से, घाव कोरे कागज़ों पर,
तब से हमने कलम को आराम दे दिया है;