Friday, December 28, 2012
Wednesday, December 26, 2012
Sunday, December 23, 2012
Tuesday, December 18, 2012
कब तक खाली बातें ही खन्गालोगे
क्या भेड़ियों को शहर से निकालोगे,
वो कहीं और जाकर बस जायेंगे,
और मासूमियत को यूँ ही उजाड़ेंगे,
क्या इतनी हिम्मत बटोर पाओगे,
इन्हें रुखसत इस जहान से कराओगे,
क्योंकि ये 'कुछ' नहीं हैं, बहुत सारे हैं,
जिंदा शरीर से हैं, आत्मा से मारे हैं,
ज़रुरत है हम सब को सावधान करें,
मिलकर इन भेड़ियों का समाधान करें,
कानून और प्रशासन के सहारे न बैठें,
खुद शेर बनें, बस खाल ओढ़ न एंठें,
खुदगर्ज़ हम, खुदगर्ज़ हमारा रहन सहन है,
पर याद रहे इसी जंगल में बेटी है,बहन है ...
क्या भेड़ियों को शहर से निकालोगे,
वो कहीं और जाकर बस जायेंगे,
और मासूमियत को यूँ ही उजाड़ेंगे,
क्या इतनी हिम्मत बटोर पाओगे,
इन्हें रुखसत इस जहान से कराओगे,
क्योंकि ये 'कुछ' नहीं हैं, बहुत सारे हैं,
जिंदा शरीर से हैं, आत्मा से मारे हैं,
ज़रुरत है हम सब को सावधान करें,
मिलकर इन भेड़ियों का समाधान करें,
कानून और प्रशासन के सहारे न बैठें,
खुद शेर बनें, बस खाल ओढ़ न एंठें,
खुदगर्ज़ हम, खुदगर्ज़ हमारा रहन सहन है,
पर याद रहे इसी जंगल में बेटी है,बहन है ...
Monday, December 17, 2012
Tuesday, December 11, 2012
कुछ है जो जागने नहीं देता ... और उठ कर के लाख कोशिशें कर लो, फिर सोने
नहीं देता ....परिस्थिति वक़्त के साथ सहानभूति भी रखती है और झुंझलाहट भी
... यह अजीब है क्योंकि मस्तिष्क अक्सर कई ऐसी स्थितियों को मानने से इनकार
कर देता है जिन्हें ह्रदय सहर्ष स्वीकार कर लेता है ...वह इसे
intellectual simulation कहता है ...बौद्धिक अनुकरण .
सब कुछ ठीक चलता है ....अपनी रफ़्तार से ...क्योंकि सफ़र तो अभी प्रारंभ हुआ है ...ये रास्ता ही अपने आप में एक मंजिल है ...मील के पत्थर पड़ाव हो सकते हैं पर सफ़र का काम तो चलना ही है ....लगातार रातों का काम दिन की आँखों पर भारी पड़ने लगता है ....कोई सुपरमैन नहीं है ...पर जहाँ तक बन पड़ता है, करता है ...दिल की पीड़ा आँखों की थकान में घुली रहती है ...दर्द से निपटने के हम सब के अपने तरीके होते हैं ...मैं कुछ नहीं पूछता .
एक जन्मदिन पर माँ का वात्सल्य बंट जाता है और एक दुआ ह्रदय से निकलते ही टूटते तारे में समा जाती है ...धुओं के अस्थायी गुबार से होती हुई। कभी कभी नाम के मायने नहीं होते ...हाथों से बनाये व्यंजनों और जाम से गुज़रते हुए अस्पताल की चौखटों तक ये रिश्ते बेनाम ही रह जाते हैं ...शायद ये दूसरी दुनिया के रिश्ते हैं जो कहीं अधूरे रह गए थे ... जैसे ये पहले भी था ...वैसे ही जैसे स्वप्न में फुटबॉल खेलते हुए हम कई गोल दाग देते हैं और जागने पर कुछ देर तक वह एहसास हमारे साथ रहता है ...यह सब अदभुत है ...खुशकिस्मती शायद किसी और नाम से मेरे पास आई है।
सब कुछ ठीक चलता है ....अपनी रफ़्तार से ...क्योंकि सफ़र तो अभी प्रारंभ हुआ है ...ये रास्ता ही अपने आप में एक मंजिल है ...मील के पत्थर पड़ाव हो सकते हैं पर सफ़र का काम तो चलना ही है ....लगातार रातों का काम दिन की आँखों पर भारी पड़ने लगता है ....कोई सुपरमैन नहीं है ...पर जहाँ तक बन पड़ता है, करता है ...दिल की पीड़ा आँखों की थकान में घुली रहती है ...दर्द से निपटने के हम सब के अपने तरीके होते हैं ...मैं कुछ नहीं पूछता .
एक जन्मदिन पर माँ का वात्सल्य बंट जाता है और एक दुआ ह्रदय से निकलते ही टूटते तारे में समा जाती है ...धुओं के अस्थायी गुबार से होती हुई। कभी कभी नाम के मायने नहीं होते ...हाथों से बनाये व्यंजनों और जाम से गुज़रते हुए अस्पताल की चौखटों तक ये रिश्ते बेनाम ही रह जाते हैं ...शायद ये दूसरी दुनिया के रिश्ते हैं जो कहीं अधूरे रह गए थे ... जैसे ये पहले भी था ...वैसे ही जैसे स्वप्न में फुटबॉल खेलते हुए हम कई गोल दाग देते हैं और जागने पर कुछ देर तक वह एहसास हमारे साथ रहता है ...यह सब अदभुत है ...खुशकिस्मती शायद किसी और नाम से मेरे पास आई है।
Sunday, December 9, 2012
आप की शुभकामनाओं से,
अथाह स्नेह से,
आप के प्रेम से,
चहकती मंगलकामनाओं से,
कुछ संजीदा भावनाओं से,
भर गया हूँ,
कृतज्ञ हूँ और खुशकिस्मत भी,
गर्व भी होता है,
और आती है हिम्मत भी,
इश्वर आप सब को,
ढेर सारी ख़ुशी दे,
बेहतर सेहत दे,
मुश्किलों में हंसी दे,
ज़रूरी ये है,
कि एक दूसरे के लिए हम हैं,
बहुत कुछ और कहता मैं,
पर मेरे पास,
धन्यवाद कहने के लिए,
शब्द कम हैं...
अथाह स्नेह से,
आप के प्रेम से,
चहकती मंगलकामनाओं से,
कुछ संजीदा भावनाओं से,
भर गया हूँ,
कृतज्ञ हूँ और खुशकिस्मत भी,
गर्व भी होता है,
और आती है हिम्मत भी,
इश्वर आप सब को,
ढेर सारी ख़ुशी दे,
बेहतर सेहत दे,
मुश्किलों में हंसी दे,
ज़रूरी ये है,
कि एक दूसरे के लिए हम हैं,
बहुत कुछ और कहता मैं,
पर मेरे पास,
धन्यवाद कहने के लिए,
शब्द कम हैं...
Sunday, December 2, 2012
Subscribe to:
Posts (Atom)



