एक परवरदिगार है, तब किस्मत क्यों लाचार है,
ये किसकी गलती है कि ये इनका भी त्यौहार है ...
Friday, October 12, 2012
बेबसी की चुप्पी बस माहौल कठोर करती है,
रोज़ दबती चाहत दिल को कमज़ोर करती है,
ज़ज्बात की चिड़ियों को चहचहाने दो 'नीरज',
अनचाही ख़ामोशी अक्सर बहुत शोर करती है।
Monday, October 8, 2012
सदा से तू रहा है साथ मेरे ... मैं कहीं जाऊँ,
तेरी इन पत्थरों की शक्ल में भी हौसला पाऊँ ;
बस इतनी बुद्धि देना इस सफ़र में हमसफ़र मेरे,
निकल जाऊँ न इतनी दूर कि वापस लौट न पाऊँ;
Sunday, October 7, 2012
कितने ही सुकून तेरी उड़ानों में मिले,
जो ज़मीं पर नहीं, तो आसमानों में मिले.....
A very Happy Air Force Day to all my Air Warrior friends...past and present. Touch the sky with glory!!
Saturday, October 6, 2012
कुछ पुराने ख्वाबों का नन्हा चाँद,
जब दिनों में पलेगा,
जाड़े में नंगे पाँव फर्श पर चलना,
तब फिर अच्छा लगेगा....