Monday, September 16, 2013
Friday, September 13, 2013
Saturday, September 7, 2013
खोने का डर और न पाने की शंका जब अपना मुहं बा देती ई तो खुद की परछाईं भी सर ओढ़ कर निकलती है …. भरोसा भी किया और फैसला भी …. फिर उलझन क्यूँ
सरकते सरकते दिन का लिहाफ चारपाई के नीचे लटक आया …. फिर रात की ठण्ड में दिलासा को ओढ़ा …. सुबह फिर कभी वैसी नहीं आई
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