Wednesday, September 20, 2023

 

 

जब निकले हों हम तय करने,
किसी सड़क पर लम्बी दूरी,
चाहे थकन निरंतर टोके,
​पर चलना हो बहुत ज़रूरी;

ऐसे में यदि उसी सड़क पर,
लग जाए कोई ट्रैफिक जाम,
आगे पीछे दाएं बाएं,
जब हो जाएं बंद मुकाम;

तब गाड़ी में बैठे बैठे,
मज़बूरी कुछ यूँ घुलती है,
कितनी भी हो दौलत पास,
कोई राह नहीं खुलती है;

कोस कोस कर इस स्थिति को,
तब हम हैं थोड़ा पछताते,
बिना किसी आशा के फिर भी,
इधर उधर हैं फ़ोन घुमाते;

ढेरों प्रश्न हैं खुद से करते,
ऐसा कर दें ! क्या विचार है,
जब कि हम हैं स्वयं जानते,
उत्तर केवल इंतज़ार है;

तब समझौता कर लेते हैं,
जब कुछ समय बीत जाता है,
जो होगा देखा जाएगा,
मन फिर कुछ धीरज पाता है;

पर हमने क्या सोचा ऐसा,
जैसे दिल की कोई धड़क है,
दिखती नहीं किसी को लेकिन,
यह जीवन भी एक सड़क है;

कभी कभी इस जीवन में भी,
लग जाता है ट्रैफिक जाम,
आगे पीछे दाएं बाएं,
नहीं सूझता कोई मुकाम;

ढेरों प्रश्न हैं खुद से करते,
ऐसा कर दें ! क्या विचार है,
जब कि हम हैं स्वयं जानते,
उत्तर केवल इंतज़ार है;

 

 

Sunday, September 3, 2023

 

किसी ज़िद्दी से पौधे का,
टूट कर भी सांस लेना,
और उसी जगह पर,
बार बार उग जाना;
किसी का रुक कर चले जाना,
या जाकर फिर नहीं आना,
या परिचित से पथ पर,
न रहते हुए भी समझाना;
किसी का दिन की व्यस्तता में,
धुंधला हो जाना,
पर गोधूलि में,
अनायास छलक आना;
यही बताता है,
कि हम भावों से,
कभी रिक्त नहीं होते,
कोशिशों के बाद भी,
इससे अतिरिक्त नहीं होते;

उम्र की दोपहर बीत गयी,
तब जाकर ये जाना,
कि जज़्बातों के,
पैग़ाम नहीं होते,
परिणाम भी नहीं होते,
अवकाश होते हैं शायद,
पर आयाम नहीं होते।