रास्तों के जुगनू
Thursday, March 14, 2024
किसी के आने की आहट, जाने के बाद आती है,
नहीं एकाध मंजर, साथ सब तादाद आती है,
जला कर दिल को जाड़े में, कभी जब बैठता हूँ मैं,
छुवन सी आँच लगती है, तुम्हारी याद आती है ;
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