बार बार ख्याल आता है,
कि कितना आधा हूँ मैं...
आधा मिथ्या,
आधा सत्य,
आधा ख्वाब,
आधा तथ्य,
आधा बच्चा,
आधा बड़ा,
आधा झुका,
आधा खड़ा,
आधा जवान,
आधा बूढा,
आधा अँधा,
आधा बहरा,
आधा अमीर,
आधा गरीब,
आधा खुश,
आधा दुखी,
आधा प्रेम,
आधा द्वेष,
आधा सफल,
आधा क्लेश,
आधा प्राप्त,
आधा हरण,
आधा जीवन,
आधा मरण,
किसी न किसी रूप में,
हम सब आधे हैं,
कोई जाने या न जाने,
हम जानते हैं,
किसी से कहें नहीं,
पर हम मानते हैं,
हमारी आज कि,
गतिविधि आधी है,
चाहे दोनों आँखों से देखें,
या दोनों कानों से सुनें,
पूरे का आभास देती,
ये दुनिया आधी है,
इसे आधी भी हमने बनाया है,
संस्कार और इच्छाओं के बीच,
सामंजस्य हमने बैठाया है,
जो अच्छा लगे वह अच्छा,
जो बुरा लगे झुठलाया है,
जो परेशान है करती,
यथार्थ नहीं वो काया है,
आधे के हैं भोगी हम,
आधा ही हमने सोचा है,
आधे को बस मन में रख,
आधा ही हमने पाया है...
कि कितना आधा हूँ मैं...
आधा मिथ्या,
आधा सत्य,
आधा ख्वाब,
आधा तथ्य,
आधा बच्चा,
आधा बड़ा,
आधा झुका,
आधा खड़ा,
आधा जवान,
आधा बूढा,
आधा अँधा,
आधा बहरा,
आधा अमीर,
आधा गरीब,
आधा खुश,
आधा दुखी,
आधा प्रेम,
आधा द्वेष,
आधा सफल,
आधा क्लेश,
आधा प्राप्त,
आधा हरण,
आधा जीवन,
आधा मरण,
किसी न किसी रूप में,
हम सब आधे हैं,
कोई जाने या न जाने,
हम जानते हैं,
किसी से कहें नहीं,
पर हम मानते हैं,
हमारी आज कि,
गतिविधि आधी है,
चाहे दोनों आँखों से देखें,
या दोनों कानों से सुनें,
पूरे का आभास देती,
ये दुनिया आधी है,
इसे आधी भी हमने बनाया है,
संस्कार और इच्छाओं के बीच,
सामंजस्य हमने बैठाया है,
जो अच्छा लगे वह अच्छा,
जो बुरा लगे झुठलाया है,
जो परेशान है करती,
यथार्थ नहीं वो काया है,
आधे के हैं भोगी हम,
आधा ही हमने सोचा है,
आधे को बस मन में रख,
आधा ही हमने पाया है...
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