रास्तों के जुगनू
Monday, June 29, 2020
न ही देर तक साथ चलने की अपेक्षा थी,
न ही दूसरी राह मुड़ने का वियोग था,
हमारा राही होना तो पहले से तय था,
तुम्हारा राह में होना एक संयोग था।
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