रास्तों के जुगनू
Wednesday, March 27, 2013
गुमसुम सी आँखों में हरी मुस्कान लाऊंगा,
ख्यालों में ही सही, बुलाओगे तो आऊंगा,
दिलों की आरज़ू शायद कभी न बन पाऊं पर,
मैं कोई साया नहीं जो अंधेरों में छोड़ जाऊँगा ..
--neeraj tripathi
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