Thursday, May 5, 2011

मेरा रास्ता

आज की सुबह,
एक अरसे के बाद,
सौगात लेकर आई थी,
कुछ ऐसा लगा जैसे,
रात में,
चाँद की सगाई थी,
ये छोटा सा लम्हा है,
जो तेजी से,
निकल जाता हैं,
और जब तक स्वप्न,
यकीन में बदलता है,
समय गुज़र जाता है,
पर ये किस्मत का,
तोहफा है,
जो सुबह मैंने पाया था,
बेशक थोड़ी ही देर सही,
मेरा रास्ता,
मेरे साथ आया था....

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