Sunday, December 20, 2020

मास्क में छुपी है पर मुस्कराहट है वही,
कुछ वक़्त ही बीता है, ज़िंदगी नहीं,
जल्द ही फिर होगी टपरी, चाय, चुस्की,
तब नहीं कहना नहीं नहीं नहीं नहीं।

 

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