Monday, March 7, 2022

 

 

कभी भरी आँखें,
कभी पेट खाली,
दिलो दिमाग पर,
बोझा भारी,
लंबा रास्ता,
सब्र की सवारी,
पलकों की हया,
आँचल की किनारी,
ख्वाबों में जुगनू,
उम्मीदें ढेर सारी,
....... नारी !!

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