दिन हों अच्छे तो गल्ती भी मददगार होती है,
समझते सुख जिसे वो प्यास की अवतार होती है,
अब मनाते हो कि बह जाए हवाओं की तरह,
सब्र करो, रात की भी अपनी रफ़्तार होती है;
समझते सुख जिसे वो प्यास की अवतार होती है,
अब मनाते हो कि बह जाए हवाओं की तरह,
सब्र करो, रात की भी अपनी रफ़्तार होती है;
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