कोशिश है कि कुछ नए पन्ने जोडूँ खुद में,
सहेज सकूँ गुज़रे पन्नों को एहतियात से,
गुजारिश है नज़ाकत से पढना इन दिनों,
भीग जाता है ताज़ा अखबार भी बरसात से;
सहेज सकूँ गुज़रे पन्नों को एहतियात से,
गुजारिश है नज़ाकत से पढना इन दिनों,
भीग जाता है ताज़ा अखबार भी बरसात से;
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