ये इनका अभिमान है,
या गूंगेपन का इकरार,
या जैसे किसी ने,
जान डाल दी हो हल्की सी,
पर जब तक,
बिजली का पंखा चलता है,
खिड़की को ओढ़े ये परदे,
मंद मंद हवा में हिलते हैं;
तब इनके झरोखों से,
पारदर्शी कांच,
और उसके पार.....भागती दुनिया,
दिखती है /
या गूंगेपन का इकरार,
या जैसे किसी ने,
जान डाल दी हो हल्की सी,
पर जब तक,
बिजली का पंखा चलता है,
खिड़की को ओढ़े ये परदे,
मंद मंद हवा में हिलते हैं;
तब इनके झरोखों से,
पारदर्शी कांच,
और उसके पार.....भागती दुनिया,
दिखती है /
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