रास्तों के जुगनू
Monday, April 4, 2022
जब होश में हैं दोनों तो फिर बहका क्या है,
ख़ामोशी के आलम में भला महका क्या है,
ये दुनिया घूम करअब हमको यकीं आता है,
तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है;
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment