वहां दुःख नहीं होता वहां आंसू नहीं होते,
कोई नहीं रोता वहां अपने नहीं खोते,
धन और कीर्ति का वहां कुछ मोल नहीं होता,
वैभव समृद्धि का झूठा कोई खोल नहीं होता,
वहां पर द्वेष नहीं होता वहां बिछोह नहीं होता,
बस प्रेम पनपता है वहां, विद्रोह नहीं होता,
जो भी करते हो उसका कोई बही नहीं होता,
गलत नहीं होता वहां कुछ सही नहीं होता,
वह केवल तब ही जगती है, जब पहली दुनिया सोती है,
बचपन से सुनता आया था, एक दूसरी दुनिया होती है,

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