तिनका तिनका रोज़ कसमसाते हो,
क्या राज़ है जो नहीं खोल पाते हो,
है कोई ऐसी लिखावट बांच जो पाते नहीं हो,
या कोई भीतर झरोखा झाँक जो पाते नहीं हो,
या निगोड़ी चाकरी है व्यर्थ के संताप की,
स्वास्थ्य की कोई है चिंता बाँट जो पाते नहीं हो,
पूछने पर क्यों हिचकिचाते हो,
क्या राज़ है जो नहीं खोल पाते हो,
विरह का उदगार है या मिलन का विस्तार है,
भूलने की प्रतिक्रिया या स्मरण का आहार है,
ईश की है बंदगी या नव मनुज अवतार है,
तुम कभी खोते हो जिसमे कौन सा संसार है,
मानवीय सुख में भी झुंझलाते हो,
क्या राज़ है जो नहीं खोल पाते हो,
या ये सब कुछ भी नहीं बस ह्रदय का सूना सजल है,
बोल कुछ निश्चित नहीं पर गुनगुनी कोई ग़ज़ल है,
ख़ोज है एकाकी की ये, ठीक से निश्चित नहीं पर,
कुछ नहीं हो पाया जिसको पाने की इच्छा प्रबल है,
वियोग की छांव में मुस्कुराते हो,
क्या राज़ है जो नहीं खोल पाते हो,
क्या राज़ है जो नहीं खोल पाते हो,
है कोई ऐसी लिखावट बांच जो पाते नहीं हो,
या कोई भीतर झरोखा झाँक जो पाते नहीं हो,
या निगोड़ी चाकरी है व्यर्थ के संताप की,
स्वास्थ्य की कोई है चिंता बाँट जो पाते नहीं हो,
पूछने पर क्यों हिचकिचाते हो,
क्या राज़ है जो नहीं खोल पाते हो,
विरह का उदगार है या मिलन का विस्तार है,
भूलने की प्रतिक्रिया या स्मरण का आहार है,
ईश की है बंदगी या नव मनुज अवतार है,
तुम कभी खोते हो जिसमे कौन सा संसार है,
मानवीय सुख में भी झुंझलाते हो,
क्या राज़ है जो नहीं खोल पाते हो,
या ये सब कुछ भी नहीं बस ह्रदय का सूना सजल है,
बोल कुछ निश्चित नहीं पर गुनगुनी कोई ग़ज़ल है,
ख़ोज है एकाकी की ये, ठीक से निश्चित नहीं पर,
कुछ नहीं हो पाया जिसको पाने की इच्छा प्रबल है,
वियोग की छांव में मुस्कुराते हो,
क्या राज़ है जो नहीं खोल पाते हो,
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