इन दिनों में दिन हैं,
और उनमे भी दिन हैं,
सुबह, दोपहर, शाम, रात,
कुछ हैं साथ, कुछ बिन हैं,
यादें हैं, यादों में यादें हैं,
वादों में और वादे हैं,
हंसी में है मिश्रण,
ग़मों के रूप सादे हैं,
रुआंसी में नसीहत है,
मुस्कान, जैसे सीरत है,
ये बस हो जाता है यूँ ही,
नहीं नासाज़ नीयत है;
झगड़ों में, मनाने में,
या यूँ ही चिडचिड़ाने में,
कदम अपने नहीं थकते,
सुबह से लडखडाने में;
तुम्हारे साथ भी हैं,
और तुम्हारे बिन हैं,
इसी में तरह तरह के,
गुज़रते पलछिन हैं,
देखो एक दिन में समाये,
कैसे अनेकों दिन हैं;
और उनमे भी दिन हैं,
सुबह, दोपहर, शाम, रात,
कुछ हैं साथ, कुछ बिन हैं,
यादें हैं, यादों में यादें हैं,
वादों में और वादे हैं,
हंसी में है मिश्रण,
ग़मों के रूप सादे हैं,
रुआंसी में नसीहत है,
मुस्कान, जैसे सीरत है,
ये बस हो जाता है यूँ ही,
नहीं नासाज़ नीयत है;
झगड़ों में, मनाने में,
या यूँ ही चिडचिड़ाने में,
कदम अपने नहीं थकते,
सुबह से लडखडाने में;
तुम्हारे साथ भी हैं,
और तुम्हारे बिन हैं,
इसी में तरह तरह के,
गुज़रते पलछिन हैं,
देखो एक दिन में समाये,
कैसे अनेकों दिन हैं;
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