इस झोंपड़ी में,
आज एक मेमसाब आई,
समाजसेविका का गहना ओढ़कर,
बड़ी सी कार में,
आँखों का चश्मा सर पर डाले,
खुशबुओं का झोंका साथ लेकर,
बुढ़िया के पास पीढ़े पर बैठी,
साड़ी संभालकर,
हील नहीं दिखनी चाहिए,
बुढ़िया से नमस्ते किया,
फोटो खिंचवाई,
और पांच हज़ार का चेक दिया,
बुढ़िया कुछ न बोली,
ताकती रही उस कागज़ के टुकड़े को,
अब यही कागज़ का टुकड़ा,
उसकी दवा लाएगा,
यही दो जून की रोटी,
यही साग लाएगा,
यही झोंपड़ी में,
लालटेन जलाएगा,
यही टूटी खाट में,
नेवाड़ बुनाएगा,
ये कागज़ का टुकड़ा नहीं,
कीमत है एक बेटे की,
जिसे वक़्त ने नशेड़ी बनाया था,
ज़हरीली शराब ने जिसे,
मार कर जगाया था,
मेमसाब का काम ख़त्म हुआ,
झुक कर झोंपड़ी से निकली,
पर्स में से छोटा सा आइना निकाला,
थोड़ा चेहरे को संवारा,
और जैसे ही ऐनक,
सर से उतार कर ,
आँखों पर फैलाया,
पड़ोस का,
पांच साल का बालक,
जोर से चिल्लाया,
"तेले मस्त मस्त दो नैन,
मेले दिल का ले दये तैन "
आज एक मेमसाब आई,
समाजसेविका का गहना ओढ़कर,
बड़ी सी कार में,
आँखों का चश्मा सर पर डाले,
खुशबुओं का झोंका साथ लेकर,
बुढ़िया के पास पीढ़े पर बैठी,
साड़ी संभालकर,
हील नहीं दिखनी चाहिए,
बुढ़िया से नमस्ते किया,
फोटो खिंचवाई,
और पांच हज़ार का चेक दिया,
बुढ़िया कुछ न बोली,
ताकती रही उस कागज़ के टुकड़े को,
अब यही कागज़ का टुकड़ा,
उसकी दवा लाएगा,
यही दो जून की रोटी,
यही साग लाएगा,
यही झोंपड़ी में,
लालटेन जलाएगा,
यही टूटी खाट में,
नेवाड़ बुनाएगा,
ये कागज़ का टुकड़ा नहीं,
कीमत है एक बेटे की,
जिसे वक़्त ने नशेड़ी बनाया था,
ज़हरीली शराब ने जिसे,
मार कर जगाया था,
मेमसाब का काम ख़त्म हुआ,
झुक कर झोंपड़ी से निकली,
पर्स में से छोटा सा आइना निकाला,
थोड़ा चेहरे को संवारा,
और जैसे ही ऐनक,
सर से उतार कर ,
आँखों पर फैलाया,
पड़ोस का,
पांच साल का बालक,
जोर से चिल्लाया,
"तेले मस्त मस्त दो नैन,
मेले दिल का ले दये तैन "
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