Saturday, January 9, 2021

बताई है लोगों ने,
अपने संघर्षों की कहानी,
कभी आलेखों में,
कभी मुहँज़बानी;
वह बिजनेसमैन,
जिसने शुरू किया था एक दुकान से,
आज कई कंपनियों का मालिक है,
आज एकत्रित धन दौलत,
उन संघर्षों का परिणाम है;
वह खिलाड़ी,
निकला था गलियों से,
आज देश की शान है,
आज उसका रुतबा,यश,कीर्ति,
उसकी  ज़िंदगी भर की,
मेहनत का अंजाम है;
वह स्कॉलर,
बुद्धिजीवियों में जिसका नाम है,
बरसों की तपस्या,
लगन, जिज्ञासा से,
अर्जित किये हुए ज्ञान से,
जिसका सम्मान है;
और न जाने कितने ही लोग,
सफल हुए हैं,
अपने आदर्शों से,
जीवन के संघर्षों से;
ये संघर्षों की दुनिया है,
और इन संघर्षों को मापने के,
हमारे अपने मापदंड हैं,
जो अक्सर,
धन, दौलत, यश, कीर्ति,
सफलता, स्वास्थ्य,
और बुद्धि तक सीमित हैं,
पर कुछ और भी लोग हैं,
जो धन दौलत से अनजान हैं,
यश कीर्ति से कोसों दूर हैं,
बेशक इनके नाम नहीं हैं,
पर खुद में,
ये भी भरपूर हैं;
हम अक्सर भूल जाते हैं,
उस एक वर्ग को,
जिसका आज ज़िंदा बचा होना ही,
उसका अभिमान है,
और दुनिया में महज़ मौज़ूदगी ही,
उसके संघर्षों से उबरने की ,
पहचान है।

 

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